सुमेरपुर/पाली। जिले में जनसेवा और सुशासन की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से संचालित “विकसित भारत–जन सेवा अभियान” के तहत आज एक महत्वपूर्ण गतिविधि का आयोजन किया गया। अभियान, जो 17 अक्टूबर 2026 तक जारी रहेगा, का मुख्य लक्ष्य आमजन की भागीदारी बढ़ाना और विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे जनकल्याणकारी कार्यों को जन-जन तक पहुँचाना है।
“आंगन मिलन सेवा” के साथ आशा सहयोगिनियों का सम्मान
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. विकास मारवाल ने बताया कि अभियान के अंतर्गत आज, 25 सितम्बर 2026 को, जिले के प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र पर “आंगन मिलन सेवा” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह विशेष कार्यक्रम 27 सितम्बर तक जारी रहेगा।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी आशा सहयोगिनियों का सार्वजनिक अभिनंदन और सम्मान था। प्रत्येक आंगनबाड़ी केन्द्र पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और उपस्थित अधिकारियों द्वारा आशा सहयोगिनियों का भावभीना सम्मान किया गया।

मुख्यमंत्री का पत्र और ‘पुष्प गुच्छ, पौधा’ भेंट
इस सम्मान समारोह के दौरान, आशा सहयोगिनियों के लिए विशेष रूप से जारी किए गए मुख्यमंत्री के पत्र का वाचन किया गया। पत्र का वाचन न केवल आशा सहयोगिनियों के लिए बल्कि उपस्थित जनसमुदाय के समक्ष भी किया गया, जिससे उनके योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ी। मुख्यमंत्री के संदेश के पश्चात, आशा सहयोगिनियों को पुष्प गुच्छ और एक पौधा प्रदान कर सम्मानित किया गया, जो विकास और समृद्धि का प्रतीक है।
विभागो के बीच समन्वय और सफल सहभागिता
इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आईसीडीएस (ICDS) विभाग के साथ आवश्यक समन्वय स्थापित किया। डॉ. मारवाल ने बताया कि इस समन्वय के माध्यम से निर्धारित दिवस पर सभी आशा सहयोगिनियों की सहभागिता सुनिश्चित की गई।
कार्यक्रम के सुचारू संचालन के लिए जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. विजेंद्रपाल सिंह चुंडावत को जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है, जबकि संबंधित ब्लॉक के खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी सह-नोडल अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं।

स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी: आशा सहयोगिनी
डीपीसी आईईसी नंदलाल शर्मा और डीपीसी आशा कुलदीप गोस्वामी ने जानकारी दी कि “आंगन मिलन सेवा” कार्यक्रम में चिकित्सा विभाग के चिकित्सा अधिकारियों, एएनएम (ANM), सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) सहित संबंधित कार्मिकों ने सक्रिय रूप से अपनी भूमिका निभाई।
उन्होंने आशा सहयोगिनियों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करती हैं। समुदाय तक विभिन्न स्वास्थ्य सेवाओं, जैसे कि:
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गर्भवती महिलाओं की देखभाल
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नवजात एवं बच्चों की देखभाल
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टीकाकरण (Vaccination)
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परिवार कल्याण और पोषण
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स्वास्थ्य जागरूकता (Health Awareness)
को पहुँचाने में आशा सहयोगिनियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह सम्मान समारोह उनके इसी निस्वार्थ सेवा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक प्रयास था।
“विकसित भारत–जन सेवा अभियान” के तहत आयोजित यह कार्यक्रम न केवल आशा सहयोगिनियों के मनोबल को बढ़ाएगा बल्कि समुदाय और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच के रिश्ते को भी और अधिक मजबूत करेगा।
