पाली। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के दिशा-निर्देशानुसार जिले की समस्त पंचायत समिति मुख्यालयों पर तीन दिवसीय विशेष ‘‘सेवा सेतु शिविर’’ की शुरुआत की गई है। 28 से 30 सितम्बर तक चलने वाले इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) से जुड़ी विभिन्न सेवाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों को सुगमता से उपलब्ध कराना तथा लंबे समय से अटके प्रकरणों और जनसमस्याओं का मौके पर ही त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना है।
शिविरों के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं, विशेष रूप से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) तथा वन नेशन वन राशन कार्ड (ONORC) की पोर्टेबिलिटी व्यवस्था को लेकर विशेष सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) गतिविधियां चलाई जा रही हैं। इनके माध्यम से उपभोक्ताओं और प्रवासी श्रमिकों को यह समझाया जा रहा है कि वे देश के किसी भी कोने में रहकर अपने हिस्से का खाद्यान्न राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी के जरिए कैसे प्राप्त कर सकते हैं।
शिविर स्थलों पर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत लंबित नवीन आवेदनों की जांच और निस्तारण के साथ-साथ सभी चयनित लाभार्थियों की आधार सीडिंग, बायोमेट्रिक ई-केवाईसी तथा पात्र परिवारों की एलपीजी आईडी मैपिंग की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इसके साथ ही राजस्थान संपर्क पोर्टल, भारत सरकार के CPGRAMS तथा विभागीय NFSA पोर्टल पर दर्ज लंबित शिकायतों और परिवेदनाओं की समीक्षा कर उनका गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जा रहा है। उपभोक्ताओं में पारदर्शिता और विश्वास बढ़ाने के लिए शिविरों में राशन दुकानों से वितरित होने वाले गेहूं और अन्य खाद्यान्न के मानकों और गुणवत्ता को दर्शाने वाले आधिकारिक नमूनों (सैंपल्स) का प्रदर्शन भी किया जा रहा है।
जिला प्रशासन और जिला रसद विभाग ने जिले के सभी राशन कार्ड धारकों और पात्र लाभार्थियों से अपील की है कि वे 29 और 30 सितंबर को अपनी संबंधित पंचायत समिति मुख्यालय अथवा नजदीकी उचित मूल्य दुकान (राशन डीलर) पर अनिवार्य रूप से पहुंचकर ई-केवाईसी और सीडिंग का काम पूरा कराएं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि तय समय में ये प्रक्रियाएं पूरी न होने पर भविष्य में नियमित खाद्यान्न वितरण में तकनीकी व्यवधान आ सकता है।
