आबूरोड/पाली। राजस्थान राज्य भारत स्काउट एवं गाइड राज्य मुख्यालय, जयपुर के तत्वावधान में सिरोही जिले के आबूरोड स्थित माधव विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित पांच दिवसीय राज्य स्तरीय जनजाति स्काउट एवं गाइड महोत्सव का 28 सितम्बर को भव्य समापन हुआ। 24 से 28 सितम्बर तक चले इस महासंगम के समापन समारोह में मुख्य अतिथि एवं स्टेट चीफ कमिश्नर निरंजन आर्य ने विजेता संभागियों को शील्ड, मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। महोत्सव के गाइड विभाग में पाली जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे राजस्थान में प्रथम स्थान (विजेता ट्रॉफी) प्राप्त कर जिले का मान बढ़ाया।

9 जिलों के 350 से अधिक संभागियों ने दिखाई संस्कृति और कला
पांच दिवसीय महोत्सव में प्रदेश के 9 जनजातीय बाहुल्य जिलों से आए 350 से अधिक स्काउट एवं गाइड ने भाग लिया। संभागियों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा, लोक संस्कृति, फूड प्लाजा, प्रदर्शनी, साज-सज्जा और विभिन्न स्काउट-गाइड गतिविधियों के जरिए सांस्कृतिक आदान-प्रदान किया।
गाइड वर्ग में पाली जिले का प्रतिनिधित्व कर रही राजकीय जनजाति बालिका आवासीय छात्रावास, मारवाड़ जंक्शन की 18 गाइड ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। गाइड यूनिट लीडर हिम्मत पटेल के कुशल निर्देशन में बालिकाओं ने सांस्कृतिक संध्या, कैंप क्राफ्ट, साहसिक गतिविधि, साज-सज्जा, फूड प्लाजा और प्रदर्शनी प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान हासिल कर ओवरऑल विजेता का खिताब अपने नाम किया।

पाली जिले से 31 संभागियों का दल रहा शामिल
सीओ गाइड श्रीमती डिंपल दवे ने बताया कि महोत्सव में पाली जिले से कुल 31 संभागियों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में सहभागिता निभाई। मारवाड़ जंक्शन बालिका छात्रावास के साथ-साथ बाली ब्लॉक के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, कोरबा के स्काउट्स व उनके यूनिट लीडर ने भी प्रतियोगिता में भाग लिया। वहीं राज्य मुख्यालय द्वारा प्रतिनियुक्त स्काउट यूनिट लीडर रमेश कुमार सोलंकी ने शिविर संचालन में अपनी महत्वपूर्ण सेवाएं दीं।

माउंट आबू में स्काई साइकलिंग, रॉक क्लाइंबिंग और जिपलाइन का लिया रोमांच
सीओ स्काउट गोविन्द मीना ने बताया कि महोत्सव के दौरान सभी संभागियों को माउंट आबू के प्रमुख पर्यटन स्थलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। इसके अलावा स्टेट एडवेंचर इंस्टीट्यूट, माउंट आबू में प्रतिभागियों को जिपलाइन, रॉक क्लाइंबिंग, टायर वॉल, चिमनी और स्काई साइकलिंग जैसी साहसिक गतिविधियों का अभ्यास कराया गया, जिसमें छात्र-छात्राओं ने पूरे जोश के साथ भाग लिया।
स्टेट चीफ कमिश्नर निरंजन आर्य ने समापन समारोह में जनजाति अंचल की प्रतिभाओं की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है और उन्हें अपनी सांस्कृतिक पहचान के साथ आगे बढ़ने का मंच मिलता है।
