पाली, 09 अप्रैल। जिला प्रशासन एवं महिला अधिकारिता विभाग के संयुक्त तत्वावधान में गुरुवार को महिला अधिकारिता विभाग के उपनिदेशक भागीरथ चौधरी के निर्देशानुसार पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र के अंतर्गत पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान जागरूकता सप्ताह के चतुर्थ दिवस पर कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय, देसूरी के अंबेडकर भवन में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सुपरवाइजर उत्तम राज चौहान ने की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा, करियर एवं जेंडर संवेदनशीलता के प्रति जागरूक बनाना था।

कार्यक्रम की शुरुआत सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रबंधक देवी बामनिया ने की। उन्होंने कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बालिकाओं को उनके भविष्य के लिए सही दिशा प्रदान करना तथा उन्हें अपनी रुचि एवं क्षमता के अनुसार करियर चुनने के लिए प्रेरित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने करियर चयन के विभिन्न पहलुओं की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान समय में अनेक उभरते हुए करियर क्षेत्र उपलब्ध हैं, जिनमें बालिकाएं अपनी योग्यता एवं रुचि के अनुसार आगे बढ़ सकती हैं। साथ ही विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं एवं प्रवेश प्रक्रियाओं की भी जानकारी प्रदान की गई।

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पन्नाधाय केंद्र प्रबंधक प्रियंका व्यास ने बताया कि करियर का चयन सदैव अपनी रुचि और दक्षता के आधार पर करना चाहिए, जिससे व्यक्ति अपने जीवन में अधिक सफल एवं संतुष्ट रह सकता है।

इसके पश्चात सुपरवाइजर उत्तम राज चौहान ने बालिकाओं के प्रति जेंडर संवेदनशीलता के महत्व पर विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि इसका उद्देश्य समाज में लड़का और लड़की के बीच समानता स्थापित करना, बालिकाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना, कुप्रथाओं को समाप्त करना तथा उनमें आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता विकसित करना है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया।

कार्यक्रम के दौरान सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई, जिनमें बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना, वन स्टॉप सेंटर तथा महिला हेल्पलाइन 181 प्रमुख हैं। इन योजनाओं के माध्यम से बालिकाओं को सुरक्षा, शिक्षा और समान अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।

कार्यशाला में विधिक परामर्शदाता भाग्यश्री ने बालिकाओं को महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी देते हुए समानता के अधिकार, सुरक्षा संबंधी कानूनों तथा महिला संरक्षण से जुड़े विभिन्न प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने बालिकाओं को आत्मरक्षा एवं आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने के लिए प्रेरित किया।

अंत में सभी ब्लॉक स्तरीय साथिनों एवं बालिकाओं को बाल विवाह न करने और न होने देने की शपथ दिलाई गई। इस दौरान बालिकाओं ने संकल्प लिया कि वे स्वयं बाल विवाह से दूर रहेंगी और अपने आसपास भी इस कुप्रथा को रोकने का प्रयास करेंगी। कार्यक्रम में 29 साथिनों और 30 बालिकाओं की उपस्थिति रही।

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