सिरोही जिले के शिवगंज शहर में 27 मई को गोमाता का कटा हुआ सिर मिलने की घटना के बाद शहर में तनाव और आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इस घटना के विरोध में स्थानीय लोगों और विभिन्न हिन्दू संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।

घटना के बाद प्रशासन द्वारा पोस्टमार्टम करवाया गया, लेकिन पोस्टमार्टम के बाद अवशेषों के कथित रूप से असम्मानजनक तरीके से निस्तारण को लेकर लोगों में नाराजगी और बढ़ गई। इससे शहरवासियों की भावनाएं और अधिक आहत हुईं।

इसी मुद्दे को लेकर कल रात करीब 9 बजे शिवगंज की गोल बिल्डिंग पर बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से प्रशासन को 3 दिन का समय देते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की गई। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से जांच जारी होने की बात कही जा रही है।

बैठक के दौरान संगठन पदाधिकारी शेर सिंह मेवाड़ा ने कड़े शब्दों में कहा:

“प्रशासन कान खोलकर सुन ले, अगर तीन दिन के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया और अवैध गतिविधियों पर रोक नहीं लगी, तो बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा। जनता अब चुप नहीं बैठेगी।

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