राजस्थान में जल जीवन मिशन को लेकर एक बार फिर सियासत गरमा गई है. इस बार वजह है- भजनलाल सरकार में जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी का बयान, जो सोशल मीडिया पर वायरल है. टोंक में मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री ने जल जीवन मिशन में आई खामियों और भ्रष्टाचार को लेकर खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि योजना के क्रियान्वयन में कई समस्याएं आईं, जिनमें भ्रष्टाचार के चलते काम की गुणवत्ता भी प्रभावित हुई. मंत्री ने यहां तक कहा कि स्थिति नाजुक है, अगर पूरी जांच करेंगे तो पूरा स्टाफ ही खत्म हो जाएगा.

यह बयान ऐसे समय में आया है जब जल जीवन मिशन के तहत राजस्थान में करीब 960 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच चल रही है. इस मामले में एसीबी, सीबीआई और ईडी जैसी एजेंसियां जांच कर रही हैं. इसी मामले में उन्होंने कहा, “अब हमारी सरकार ने फिर से योजना शुरू की है. कई राज्यों से एमओयू किया है. उनकी जो भी मांग है, पूरी करेंगे. जो पुराने काम पड़े है, उनकी जांच भी कर रहे हैं. पूरा विभाग ही खाली होने की स्थिति में आ चुका है. वापस किस तरह से सुधार कर सकते हैं, वो भी कर रहे हैं.”

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन का उद्देश्य हर घर तक नल से जल पहुंचाना है. लेकिन राजस्थान में इस योजना को लेकर उठे सवालों ने इसकी पारदर्शिता और क्रियान्वयन पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं. इस घोटाले में पहले ही पूर्व जलदाय मंत्री महेश जोशी जेल जा चुके हैं. जबकि रिटायर्ड आईएएस सुबोध अग्रवाल भी न्यायिक हिरासत में हैं. इसके अलावा 10 से ज्यादा अधिकारी भी जांच के घेरे में हैं.

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