देसूरी (पाली)। पाली जिले के देसूरी कस्बे में बेसहारा मवेशियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार शाम को घर से पैदल निकले 85 वर्षीय एक बुजुर्ग को एक बेकाबू सांड ने जोरदार टक्कर मारकर जमीन पर पटक दिया। इस भीषण हादसे में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए पाली के बांगड़ अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शनिवार को गमगीन माहौल में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
काम से निकले थे बाहर, रास्ते में सांड ने किया हमला
जानकारी के अनुसार, बाली कोर्ट से सेवानिवृत्त 85 वर्षीय चम्पालाल शर्मा (पुत्र रतनलाल शर्मा) शुक्रवार शाम किसी निजी कार्य से घर से पैदल निकले थे।
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रास्ते में अचानक सामने आए एक छुट्टा सांड ने उन पर हमला कर दिया और उठाकर बुरी तरह नीचे पटक दिया।
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सांड के हमले से बुजुर्ग लहूलुहान होकर अचेत हो गए।
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मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और परिजनों ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें तुरंत देसूरी के सरकारी अस्पताल पहुंचाया।
बांगड़ अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत
देसूरी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद वृद्ध की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत जिला मुख्यालय स्थित बांगड़ हॉस्पिटल, पाली के लिए रेफर कर दिया।
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बांगड़ अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचते ही चिकित्सकों ने गहन जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।
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घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन शव को लेकर देसूरी पहुंचे, जहां शनिवार को देसूरी में गमगीन माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
परिजनों का छलका दर्द: ‘प्रशासन बेसहारा मवेशियों से दिलाए निजात’
हादसे के बाद मृतक के परिजनों और कस्बेवासियों में स्थानीय प्रशासन व ग्राम पंचायत के खिलाफ गहरा आक्रोश है। मृतक के दोहिते चिराग शर्मा ने प्रशासन से गुहार लगाते हुए कहा:
“कस्बे में खुलेआम घूमते बेसहारा मवेशियों के कारण आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं। बुजुर्ग और बच्चे घरों से बाहर निकलने में भी डरते हैं। स्थानीय प्रशासन को तुरंत आवारा पशुओं की धरपकड़ कर गोशालाओं में भिजवाना चाहिए ताकि इस जानलेवा समस्या का स्थाई समाधान हो सके और किसी अन्य परिवार का चिराग न बुझे।”
स्थानीय नागरिकों ने भी चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गलियों और मुख्य बाजारों से आवारा सांडों व मवेशियों को नहीं हटाया गया, तो वे प्रशासन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन करेंगे।
