नाम वापसी के साथ साफ हुई चुनावी तस्वीर, वार्ड 17, 19, 22 और 23 पर खास नजर; 40 प्रत्याशियों ने वापस लिए नामांकन
सुमेरपुर। नगर पालिका चुनाव में नामांकन से लेकर नाम वापसी तक चला सियासी घमासान अब थम गया है। नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है और अब प्रत्याशियों ने वार्डों में अपनी पूरी ताकत झोंकनी शुरू कर दी है। सुमेरपुर के कई वार्डों में मुकाबला सिर्फ जीत-हार तक सीमित नहीं, बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है।

भाजपा और कांग्रेस के बीच कई वार्डों में सीधी टक्कर है, तो कुछ जगह निर्दलीय प्रत्याशियों ने मुकाबले को रोचक बना दिया है। खासतौर पर वार्ड 17, 19, 22, 23 और 12 पर राजनीतिक हलचल अधिक नजर आ रही है।
वार्ड 17 में व्यापारी बनाम युवा कांग्रेस अध्यक्ष
वार्ड 17 में भाजपा ने शहर के व्यापारी तथा रियल एस्टेट और होटल व्यवसाय से जुड़े धीरज कुमार सांखला को मैदान में उतारा है। उनके सामने कांग्रेस के विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष ललित परिहार चुनाव लड़ रहे हैं।
दोनों प्रत्याशियों की राजनीतिक और सामाजिक सक्रियता को देखते हुए वार्ड 17 का मुकाबला सुमेरपुर के चर्चित मुकाबलों में शामिल हो गया है। दोनों पक्ष मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं।

वार्ड 19 में टिकट की नाराजगी ने बिगाड़ा गणित
वार्ड 19 में भाजपा के टिकट वितरण के बाद सामने आई नाराजगी का असर अब चुनावी मुकाबले में दिखाई दे रहा है। भाजपा ने भावेश वैष्णव को प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस से महेंद्र सिंह और निर्दलीय के रूप में विकास अग्रवाल मैदान में डटे हुए हैं।
नाम वापसी के दौरान भाजपा कई नाराज दावेदारों को मैदान से हटाने में सफल रही, लेकिन विकास अग्रवाल के चुनाव मैदान में बने रहने से यहां मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। ऐसे में निर्दलीय प्रत्याशी किसका चुनावी गणित बिगाड़ते हैं, इस पर भी नजर रहेगी।
वार्ड 22 पर भाजपा की खास नजर
वार्ड 22 को भाजपा के लिए प्रतिष्ठा वाला वार्ड माना जा रहा है। इसी वार्ड से कभी जोराराम कुमावत पार्षद चुने गए थे। इसके बाद वे नगर पालिका अध्यक्ष बने और वर्तमान में राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री हैं।
इस बार भाजपा ने दक्षा मेडतिया को प्रत्याशी बनाया है। कांग्रेस की ओर से स्वतंत्रता सेनानी परिवार से पारस देवी (माली) चुनाव मैदान में हैं। ऐसे में इस वार्ड के परिणाम को राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वार्ड 23 में बदले समीकरण
वार्ड 23 में पूर्व नगर पालिका उपाध्यक्ष चतुर्भुज शर्मा और निर्दलीय महिला प्रत्याशी निर्मला कुमारी के बीच मुकाबला है। कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन वापस लेने के बाद यहां चुनावी समीकरण बदल गए हैं।
अब इस वार्ड में दोनों प्रत्याशी मतदाताओं के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुटे हैं।
वार्ड 12 में कांग्रेस नगर अध्यक्ष की प्रतिष्ठा
वार्ड 12 में कांग्रेस नगर अध्यक्ष सुभाष मेवाड़ा चुनाव मैदान में हैं। भाजपा ने उनके सामने दिलीप कुमार को प्रत्याशी बनाया है। इसके अलावा तीन निर्दलीय प्रत्याशी भी मैदान में हैं।
निर्दलीयों की मौजूदगी के कारण यहां मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। कांग्रेस नगर अध्यक्ष के सामने अपने वार्ड में जीत दर्ज करने की चुनौती है, वहीं भाजपा प्रत्याशी मुकाबले को अपने पक्ष में करने की कोशिश में जुटे हैं।
वार्ड 26 में भाजपा की निर्विरोध जीत
नाम वापसी के दौरान वार्ड 26 में बड़ा उलटफेर हुआ। कांग्रेस प्रत्याशी मंजू कुमारी द्वारा नामांकन वापस लेने के बाद भाजपा की वीणा देवड़ा निर्विरोध निर्वाचित हो गईं।
इसके साथ ही भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल देखने को मिला।
40 प्रत्याशियों ने वापस लिए नामांकन
राज्य निर्वाचन आयोग की उपलब्ध सूची के अनुसार सुमेरपुर नगर पालिका चुनाव में नाम वापसी के दौरान कुल 40 प्रत्याशियों ने नामांकन वापस लिए। इनमें विभिन्न वार्डों के निर्दलीय प्रत्याशियों के साथ कांग्रेस के प्रत्याशी भी शामिल हैं।
नाम वापसी पूरी होने के बाद अब चुनाव मैदान में बचे प्रत्याशियों के बीच मुकाबला होगा। शुक्रवार से चुनाव प्रचार और तेज होने की संभावना है।
अब घर-घर पहुंचेगा चुनावी अभियान
नाम वापसी के बाद अब प्रत्याशियों का पूरा फोकस घर-घर जनसंपर्क, छोटी बैठकों और जनसभाओं पर रहेगा। राजनीतिक दल भी अपने प्रत्याशियों के पक्ष में माहौल बनाने के लिए संगठन को सक्रिय करेंगे।
अब तक नामांकन और नाम वापसी को लेकर चल रही सियासी उठापटक के बाद असली चुनावी मुकाबला शुरू हो चुका है। आने वाले दिनों में सुमेरपुर के वार्डों में प्रचार के साथ सियासी पारा और चढ़ने के आसार हैं। आखिर मतदाता किस प्रत्याशी के पक्ष में फैसला सुनाते हैं, इसका जवाब चुनाव परिणाम के दिन ही मिलेगा।
