पाली। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, हरियालो राजस्थान अभियान तथा आगामी मानसून सीजन की तैयारियों को लेकर जिला कलक्टर ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित वीसी कक्ष में जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में योग दिवस के आयोजन, पौधारोपण अभियान और बाढ़ राहत एवं आपदा प्रबंधन की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
21 जून को लाखोटिया उद्यान में होगा जिला स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम
बैठक में जिला कलक्टर ने 21 जून को आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के सफल आयोजन के लिए सभी विभागों को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम, आयुर्वेद विभाग, पुलिस प्रशासन एवं अन्य विभागों को पार्किंग, प्रचार-प्रसार, आमजन की भागीदारी तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर जिम्मेदारियां सौंपी।
आयुर्वेद विभाग के उपनिदेशक डॉ. बजरंगलाल शर्मा ने बताया कि जिला स्तरीय योग दिवस कार्यक्रम लाखोटिया उद्यान में प्रातः 7 बजे आयोजित होगा। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के संबोधन का लाइव प्रसारण एवं सामूहिक योगाभ्यास कराया जाएगा। इस अवसर पर योग दिवस के पोस्टर का भी विमोचन किया गया।
हरियालो राजस्थान अभियान की तैयारियों की समीक्षा
बैठक में हरियालो राजस्थान अभियान के तहत पौधारोपण की तैयारियों पर भी चर्चा की गई। जिला कलक्टर ने गड्ढों की खुदाई, पौधों की उपलब्धता, वितरण, प्रशिक्षण तथा विभिन्न स्थलों पर पौधारोपण की कार्ययोजना समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
डीएफओ कस्तूरी प्रशांत ने अभियान की विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए लक्ष्य प्राप्ति के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
मानसून एवं बाढ़ राहत तैयारियों पर विशेष जोर
संभावित मानसून एवं अतिवृष्टि की स्थिति को देखते हुए जिला कलक्टर ने आपदा राहत एवं बाढ़ बचाव संबंधी व्यवस्थाओं की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को पूर्व तैयारियां पूर्ण करने तथा आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कंट्रोल रूम की स्थापना, रेस्क्यू टीमों की तैयारी, रैन बसेरों की व्यवस्था, नालों की सफाई, टॉर्च, रस्सी एवं अन्य राहत सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा। विद्युत विभाग को बिजली लाइनों, खंभों एवं झाड़ियों की कटाई कर दुर्घटनाओं की रोकथाम के निर्देश दिए गए।
जल संसाधन विभाग को नहरों एवं बांधों की निगरानी तथा आवश्यक उपकरणों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। वहीं सार्वजनिक निर्माण विभाग को जलभराव संभावित क्षेत्रों की पहचान कर चेतावनी बोर्ड एवं मार्किंग करने को कहा गया।
जर्जर भवनों और खतरनाक स्थलों पर विशेष निगरानी
जिला कलक्टर ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि जर्जर भवनों में किसी भी स्थिति में विद्यार्थियों को न बैठाया जाए। विकास अधिकारियों को गांवों में खतरनाक एवं जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर लोगों को जागरूक करने तथा सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने पुलिस विभाग को बारिश के दौरान झरनों एवं वॉटरफॉल क्षेत्रों में भीड़ नियंत्रण एवं सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने के लिए कहा। साथ ही एनडीआरएफ, गोताखोरों, नावों और बचाव दलों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए।
सभी विभागों को दिए आवश्यक निर्देश
बैठक में चिकित्सा विभाग को स्नेक बाइट एवं मौसमी बीमारियों की रोकथाम, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को पेयजल गुणवत्ता जांच एवं सैंपलिंग, रसद विभाग को आवश्यक सामग्री उपलब्ध रखने तथा उपखंड अधिकारियों को रेलवे ट्रैक, जलभराव क्षेत्रों और निराश्रित पशुओं के प्रबंधन को लेकर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर डॉ. बजरंग सिंह, ओमप्रभा, जिला परिषद सीईओ मुकेश चौधरी सहित विभिन्न विभागों के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
